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श्री सालासर बालाजी मंदिर में 265 सालों मे पहली बार बजरंग बली के जन्मोत्सव पर मेला नहीं होगा


श्री सालासर बालाजी मंदिर में 265 सालों मे पहली बार बजरंग बली के जन्मोत्सव पर मेला नहीं होगा





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कोरोना वाइरस को संक्रमण को रोकने के लिय देश मे लॉकडाउन चल रहा है देश मे सभी धार्मिक स्थलो मे श्र्द्धालुओं का प्रवेश बंद है। 8 अप्रेल को रामभक्त हनुमान जी का प्राकट्य दिवस है 265 साल के इतिहास में चुरू जिले के सालासर बालाजी मंदिर में पहली बार हनुमान जन्मोत्सव पर मेला नहीं होगा।
कोरोना संक्रमण के बाद किए गए लॉकडाउन के चलते 20 मार्च से ही बाबा के भक्तों का सालासर दरबार मंदिर में प्रवेश बंद है। हनुमान सेवा समिति के अध्यक्ष यशोदानंदन पुजारी ने बताया कि श्री सालासर बालाजी मंदिर के स्थापना से लेकर अब तक सालासर में बालाजी महाराज के साल में दोनों मेले लगते हैं, जिनमें देश-प्रदेश के लाखों श्रद्धालु सालासर बाबा के दर्शन करने पहुंचते हैं। पुजारी ने बताया कि बड़े-बुजुर्ग भी कहते हैं कि सालासर में ऐसा पहली बार हुआ, जब बालाजी महाराज का मेला नहीं भरेगा। ऐसी स्थिति पहली बार ही सामने आई है।

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आपको बता दे की 8 अप्रेल को हनुमान जन्मोत्सव है हर साल चुरू जिले के सालासर ग्राम मे स्थित श्री सालासर बालाजी मंदिर मे भक्तों की भीड़ रहती है यहाँ हजारो लाखो भक्त रामभक्त हनुमान जी के दर्शन करने आत है जिसके लिए मेला प्रबंध कमेटी पहले से तैयारियो मे जुट जाती थी, पुलिस और प्रशासन भी आने वाली भीड़ को व्यवस्थित करने के लिय सप्ताह भर पहले तैयारिया करने लग जाता है पर इस बार लॉक डाउन के कारण मंदिर के द्वार भक्तों के लिए बंद रहेंगे।

8 अप्रैल 2020 को हनुमान जयंती है। चैत्र पूर्णिमा को दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामभक्त हनुमानजी का जन्म हुआ था। वैसे तो बालाजी महाराज के कई नाम हैं लेकिन उनकी स्तुति के लिए खासतौर पर 12 नामों का जाप किया जाता है। इसे हनुमान द्वादशनाम स्तोत्र कहते हैं। इन नामों का जाप भक्त हर तरह की समस्याओं से मुक्ति के लिए करते हैं।

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